पॉलिसी शर्तें · वेटिंग पीरियड
हेल्थ इंश्योरेंस वेटिंग पीरियड के नए IRDAI 2024 नियम
हेल्थ इंश्योरेंस में वेटिंग पीरियड वह समय होता है जब कुछ बीमारियों का क्लेम नहीं मिलता। IRDAI के 29 मई 2024 के ऐतिहासिक मास्टर सर्कुलर ने ग्राहकों के हक में बड़े बदलाव किए हैं। अब कोई भी कंपनी 36 महीने से ज्यादा का PED वेटिंग पीरियड नहीं रख सकती। जानिए सभी नए नियम विस्तार से।
MediclaimSaathi टीम अपडेट 5 नवंबर 20267 मिनट
छोटा जवाब
IRDAI के 2024 मास्टर सर्कुलर के अनुसार, पहले से मौजूद बीमारी (PED) का अधिकतम वेटिंग पीरियड 48 महीने से घटाकर 36 महीने कर दिया गया है, और पॉलिसी का मोरेटोरियम पीरियड 60 महीने (5 साल) तय किया गया है जिसके बाद कंपनी क्लेम खारिज नहीं कर सकती। इसके अलावा शुरुआती 30 दिन (दुर्घटना को छोड़कर) और मोतियाबिंद, हर्निया जैसी निर्दिष्ट बीमारियों के लिए 12-24 महीने का वेटिंग पीरियड होता है।
हेल्थ इंश्योरेंस में 4 प्रकार के वेटिंग पीरियड
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में सुरक्षा के लिए 4 अलग-अलग तरह के वेटिंग पीरियड होते हैं। इन्हें समझना बेहद जरूरी है ताकि क्लेम के समय कोई भ्रम न रहे:
- शुरुआती 30 दिन का वेटिंग पीरियड: नई पॉलिसी शुरू होने के पहले 30 दिनों में किसी भी बीमारी का क्लेम नहीं मिलता। सबसे बड़ा अपवाद: दुर्घटना (Accident) में लगी चोट का इलाज पहले दिन से ही 100% कवर होता है।
- निर्दिष्ट बीमारियों का वेटिंग पीरियड (12 से 24 महीने): धीरे-धीरे पनपने वाली बीमारियों पर 1 से 2 साल का वेटिंग पीरियड होता है, जैसे मोतियाबिंद (Cataract), हर्निया, बवासीर (Piles), पथरी (Kidney Stones), रसौली और घुटना प्रत्यारोपण।
- पहले से मौजूद बीमारी (PED) वेटिंग पीरियड (अधिकतम 36 महीने): पॉलिसी लेने से 36 महीने पहले पहचानी गई बीमारियों पर अधिकतम 3 साल का वेटिंग पीरियड हो सकता है। यह समय बीतने के बाद वे बीमारियाँ पूरी तरह कवर हो जाती हैं।
- मातृत्व (Maternity) कवर वेटिंग पीरियड: डिलीवरी और गर्भावस्था के खर्चों के लिए पॉलिसियों में 9 महीने से लेकर 36 महीने तक का वेटिंग पीरियड होता है।
2024 IRDAI सुधारों की पूरी व्याख्या: क्या बदला?
IRDAI ने 29 मई 2024 को ऐतिहासिक मास्टर सर्कुलर जारी करके दशकों पुराने सख्त नियमों को खत्म कर दिया:
| नियम का विषय | पुराना नियम बनाम 2024 IRDAI नया नियम |
|---|---|
| अधिकतम PED वेटिंग पीरियड | पहले कंपनियाँ 48 महीने (4 साल) तक का वेटिंग पीरियड रखती थीं। अब इसे घटाकर अधिकतम 36 महीने (3 साल) कर दिया गया है। |
| पुरानी बीमारी की जांच (Look-back) | पहले कंपनियाँ कई साल पुरानी हिस्ट्री खंगालती थीं। अब पॉलिसी शुरू होने से पहले के अधिकतम 36 महीने की हिस्ट्री ही देखी जा सकती है। |
| मोरेटोरियम पीरियड (अकाट्यता) | पहले 96 महीने (8 साल) था। अब घटाकर लगातार 60 महीने (5 साल) कर दिया गया है। 5 साल बाद कंपनी नॉन-डिस्क्लोजर का आरोप नहीं लगा सकती। |
| अधिकतम प्रवेश आयु (Entry Age) | पहले 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नई पॉलिसी नहीं मिलती थी। अब यह सीमा पूरी तरह खत्म कर दी गई है; किसी भी उम्र में पॉलिसी ले सकते हैं। |
| पोर्टेबिलिटी में पूरे लाभ | एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाने पर पिछले वर्षों का पूरा वेटिंग पीरियड क्रेडिट नए इंश्योरर में मिलता है। |
पोर्टेबिलिटी और वेटिंग पीरियड क्रेडिट: पुराने साल कैसे गिने जाते हैं
जब आप अपनी पुरानी बीमा कंपनी से संतुष्ट न होकर नई कंपनी में पॉलिसी ट्रांसफर (Port) करते हैं, तो आपकी पुरानी मेहनत और पूरे किए गए साल बेकार नहीं जाते:
- वेटिंग पीरियड का पूरा ट्रांसफर: यदि आपने पुरानी कंपनी में 2 साल का वेटिंग पीरियड पूरा कर लिया था और नई कंपनी में 3 साल का नियम है, तो आपको नई कंपनी में केवल 1 साल ही पूरा करना होगा।
- 3 साल पूरे होने पर डे-1 कवर: यदि पुरानी कंपनी में लगातार 36 महीने पूरे हो चुके हैं, तो नई कंपनी में पहले दिन से ही पुरानी बीमारियों का कवर मिलेगा।
- सम इंश्योर्ड बढ़ाने पर नियम: पुराना क्रेडिट केवल पुरानी बीमा राशि (Sum Insured) पर ही मिलता है। यदि आप बीमा राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करते हैं, तो बढ़ी हुई अतिरिक्त ₹5 लाख की राशि पर नए सिरे से वेटिंग पीरियड लागू होगा।
- समय पर आवेदन करें: पोर्टिंग के लिए अपनी मौजूदा पॉलिसी के रिन्यूअल से कम से कम 45 दिन पहले नई कंपनी में आवेदन करना अनिवार्य है।
अगर वेटिंग पीरियड के नाम पर क्लेम गलत रिजेक्ट हो तो क्या करें
- 1डॉक्टर से इमरजेंसी प्रमाणपत्र लेंअगर कंपनी ने किसी अचानक उभरी गंभीर समस्या को वेटिंग पीरियड वाली बीमारी बताकर खारिज किया है, तो डॉक्टर से लिखवाएं कि यह पुरानी बीमारी नहीं बल्कि अचानक उत्पन्न हुई जानलेवा स्थिति थी।
- 260 महीने के मोरेटोरियम का हवाला देंयदि पॉलिसी लगातार 5 साल पूरी कर चुकी है, तो IRDAI मोरेटोरियम नियम के तहत कंपनी को तुरंत लिखित नोटिस भेजें कि 5 साल बाद वे क्लेम नहीं रोक सकते।
- 3बीमा लोकपाल के पास जाएंकंपनी के ग्रीवेंस ऑफिसर को चुनौती देने के बाद यदि 30 दिनों में समाधान न मिले, तो अपने शहर के बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) के पास मुफ़्त में शिकायत दर्ज करें।
अपना लेटर मुफ़्त चेक करें
रिजेक्शन लेटर की फ़ोटो अपलोड करें। 90 सेकंड में जानें कि क्लेम क्यों रिजेक्ट हुआ और आगे क्या करना है।
मुफ़्त चेक करेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दुर्घटना (Accident) में भी 30 दिन का वेटिंग पीरियड लागू होता है?+
नहीं। IRDAI नियमों के तहत सड़क दुर्घटना या आकस्मिक चोट के इलाज पर शुरुआती 30 दिन का वेटिंग पीरियड लागू नहीं होता। यह पहले दिन से ही कवर होता है।
क्या कोई बीमा कंपनी 48 महीने का PED वेटिंग पीरियड रख सकती है?+
नहीं। IRDAI के 29 मई 2024 के नए मास्टर सर्कुलर के अनुसार अब कोई भी बीमा कंपनी 36 महीने (3 साल) से ज्यादा का प्री-एग्जिस्टिंग वेटिंग पीरियड नहीं रख सकती।
पॉलिसी पोर्ट करने पर मेरे पिछले वेटिंग पीरियड का क्या होगा?+
पोर्टेबिलिटी नियमों के अनुसार पिछले जितने साल आपने पुरानी कंपनी में बिना किसी ब्रेक के पूरे किए हैं, उनका पूरा क्रेडिट आपको नई कंपनी में मिलता है।
अगर मैं सम इंश्योर्ड ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर लूं तो क्या वेटिंग पीरियड दोबारा शुरू होगा?+
वेटिंग पीरियड केवल बढ़ाई गई ₹5 लाख की अतिरिक्त राशि पर दोबारा शुरू होगा। मूल ₹5 लाख की राशि पर आपका पुराना वेटिंग पीरियड क्रेडिट सुरक्षित रहेगा।
क्या 5 साल बाद कंपनी किसी पुरानी बीमारी के आधार पर क्लेम खारिज कर सकती है?+
नहीं। 60 महीने (5 साल) का मोरेटोरियम पूरा होने के बाद कंपनी किसी भी बीमारी को छुपाने के आधार पर क्लेम खारिज नहीं कर सकती, जब तक कि वह अदालत में साबित न कर दे कि जानबूझकर आपराधिक धोखाधड़ी की गई थी।
और गाइड पढ़ें
स्रोत
- IRDAI — Master Circular on Health Insurance Business (May 2024)
- IRDAI Bima Bharosa grievance portal
- Council for Insurance Ombudsmen
यह गाइड सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं; हमेशा IRDAI के ताज़ा सर्कुलर और अपनी पॉलिसी की शर्तें देखें। MediclaimSaathi एक दस्तावेज़-तैयारी प्लेटफ़ॉर्म है, कोई लॉ फ़र्म, बीमा कंपनी या ब्रोकर नहीं।